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  हैलोएल्केन का वर्गीकरण :- (1) हैलोजन परमाणुओ की संख्या के आधार पर :- हैलोजन परमाणुओ की संख्या के आधार पर हैलोएल्केन को मोनो डाई, ट्राई व पॉली आदि मे वर्गीकृत करते हैं, जिनमे क्रमश: एक, दो, तीन व अधिक हैलोजन परमाणु उपस्थित होते है। (a) मोनो हैलोएल्केन्स:-  इनमे एक हैलोजन परमाणु उपस्थित होते हैं। जैसे- CH 3  – X, CH 3 CH 2 X इन्हे मोनो हैलोएल्केन्स या एल्किल हैलाइड [R-X] कहते है। (b) डाई हैलोएल्केन्स:-  इनमें दो हैलोजन परमाणु उपस्थित होते हैं। ऐल्केन्स से प्राप्त डाई हैलाइड को डाई हैलोऐल्केन्स कहते हैं। (c) ट्राई हैलोऐल्केन्स:-  इनमें तीन हैलोजन परमाणु उपस्थित होते हैं। ऐल्केन्स से प्राप्त ट्राई हैलाइड को ट्राई हैलोऐल्केन्स कहते हैं। (2) मोनो हैलोएल्केन को हैलोजन परमाणु से जुड़े कार्बन परमाणु के आधार पर इन्हे तीन भागों में बांटा गया है: (a) प्राथमिक ऐल्किल हैलाइड:-  इनमें हैलोजन परमाणु प्राथमिक C कार्बन परमाणु से जुड़ा होता है। इन्हे R-CH 2 -X से प्रदर्शित करते हैं। (b) द्वितीयक ऐल्किल हैलाइड:-  इनमे हैलोजन परमाणु द्वितीयक C(2 0 ) कार्बन परमाणु से जुड़...